Thursday, October 18, 2018

मेघालय यात्रा - गार्डन ऑफ केव, चेरापूंजी का एक अनोखा स्थान

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11 फरवरी 2018
ठीक तीन बजे हम थे ‘गार्डन ऑफ केव’ के द्वार पर। पास में ही कुछ स्थानीय लोग पिकनिक मना रहे थे और हिंदी गानों पर थिरक रहे थे। यहीं द्वार के पास एक महिला पकौड़ियाँ तल रही थीं। चाय और पकौड़ी।
यह स्थान एक आश्‍चर्यजनक जगह है। सबसे शानदार है एक गुफा की छत में छेद और उससे नीचे गिरता पानी। पानी गुफा में बीचोंबीच गिरता है। यानी गुफा के भीतर जलप्रपात। फिलहाल बहुत थोड़ा पानी गिर रहा था। बारिश में तो वाकई दर्शनीय हो जाता होगा यह। इसके अलावा कुछ और भी जलप्रपात हैं। पूरे ‘गार्डन’ में पैदल घूमने के लिए पक्का रास्ता बना है। यह स्थान भी बड़ा पसंद आया।

ये हाल ही में प्रकाशित हुई मेरी किताब ‘मेरा पूर्वोत्तर’ के ‘चेरापूंजी’ चैप्‍टर के कुछ अंश हैं। किताब खरीदने के लिए नीचे बटन पर क्लिक करें:




गार्डन ऑफ केव जाती सड़क...


‘नीरज’ कूड़ेदान

पकौड़ियाँ... वाह!



अब घूमते हैं ‘गार्डन ऑफ केव’ में


गौर से देखिए... गुफा एक बरसाती नाले के नीचे स्थित है... ऊपर से पानी आता है और गुफा के अंदर टपकता है...







इसी ‘गार्डन’ में कई जलप्रपात भी हैं...








और मसाला डोसा मिल जाए, तो क्या कहने!







अगला भाग: अनजाने मेघालय में - चेरापूंजी-नोंगस्टोइन-रोंगजेंग-दुधनोई यात्रा

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