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फोटो-यात्रा-14: गोक्यो और गोक्यो-री

इस यात्रा के फोटो आरंभ से देखने के लिये यहाँ क्लिक करें
24 मई 2016
“आज हमारा इरादा गोक्यो-री जाने का था। ‘री’ का अर्थ होता है चोटी। गोक्यो के पास 5300 मीटर से ऊँची एक चोटी है, इसे ही गोक्यो-री कहा जाता है। इस पर चढ़ना आसान है, हालाँकि अत्यधिक ऊँचाई का असर तो पड़ता ही है। दीप्ति ने पहले तो ना-नुकूर की, लेकिन बाद में चलने को राज़ी हो गयी। हम लगभग 4700 मीटर पर थे। ऐसे इलाके में 600 मीटर चढ़ना भी बेहद मायने रखता है। मुझे दीप्ति पर लगातार निगाह रखनी पड़ेगी। वह अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। और ऊपर जाने पर उसकी तबियत और ज्यादा ख़राब हो सकती है।”
“ख़ूब आवाजाही होते रहने के कारण स्पष्ट पगडंड़ी बनी थी और भटकने का कोई डर नहीं था। हमारे पीछे-पीछे दो विदेशी और आ रहे थे। लेकिन वे भी उच्च पर्वतीय बीमारी से पीड़ित प्रतीत हो रहे थे। दीप्ति को भी बार-बार बैठना पड़ रहा था। वह थोड़ी देर बैठती, फिर दो कदम चलती और फिर बैठ जाती। आख़िरकार जब हम लगभग 5100 मीटर पर थे, उसने हिम्मत छोड़ दी - “अब और आगे नहीं जा सकती।”




एवरेस्ट बेस कैंप ट्रैक पर आधारित मेरी किताब ‘हमसफ़र एवरेस्ट का एक अंश। किताब तो आपने पढ़ ही ली होगी, अब आज की यात्रा के फोटो देखिये:




जैसे-जैसे गोक्यो-री पर ऊपर चढ़ते जाते हैं, गोक्यो की इस तीसरी झील का विहंगम नज़ारा दिखने लगता है।

और ऊपर जाने पर होटलों के उस तरफ नगोजुंपा ग्लेशियर भी दिखता है। एक छोटी-सी धार ही ग्लेशियर और झील को अलग करती है।

बादल आ गये तो सब दिखना बंद हो गया।

लोगों द्वारा बनाये गये रास्ते की पहचान के निशान




दीप्ति गोक्यो-री तक नहीं जा सकी। वह यहीं बैठ गयी। समुद्र तल से ऊँचाई 5100 मीटर... साँय-साँय चलती हवा...

गोक्यो-री के पास एक कूड़ेदान

वे रही गोक्यो-री की झंडियाँ

गोक्यो-री का जी.पी.एस. डाटा और ऊँचाई 5315 मीटर
और आपको यह जानकर ताज़्ज़ुब होगा कि उस समय तक मुझे मोबाइल में स्क्रीनशॉट लेना नहीं आता था।

गोक्यो-री के पास एक नन्हीं-सी झील

और फिर 5315 मीटर की ऊँचाई पर सेल्फी का दौर चला...

वापस उतरते हुए बादलों में ढकी झील के दर्शन हुए...





इस बार ‘ग्रुप सेल्फी’

झील के किनारे





गोक्यो की तीसरी झील के किनारे बने होटल... होटलों के पीछे जो धार है, उसके पीछे ग्लेशियर है, जिससे दूधकोसी नदी निकलती है...




और गर्मागरम स्वादिष्ट भोजन









अगला भाग: फोटो-यात्रा-15: गोक्यो से थंगनाग


1. फोटो-यात्रा-1: एवरेस्ट बेस कैंप - दिल्ली से नेपाल
2. फोटो-यात्रा-2: एवरेस्ट बेस कैंप - काठमांडू आगमन
3. फोटो-यात्रा-3: एवरेस्ट बेस कैंप - पशुपति दर्शन और आगे प्रस्थान
4. फोटो-यात्रा-4: एवरेस्ट बेस कैंप - दुम्जा से फाफलू
5. फोटो-यात्रा-5: एवरेस्ट बेस कैंप - फाफलू से ताकशिंदो-ला
6. फोटो-यात्रा-6: एवरेस्ट बेस कैंप - ताकशिंदो-ला से जुभिंग
7. फोटो-यात्रा-7: एवरेस्ट बेस कैंप - जुभिंग से बुपसा
8. फोटो-यात्रा-8: एवरेस्ट बेस कैंप - बुपसा से सुरके
9. फोटो-यात्रा-9: एवरेस्ट बेस कैंप - सुरके से फाकडिंग
10. फोटो-यात्रा-10: एवरेस्ट बेस कैंप - फाकडिंग से नामचे बाज़ार
11. फोटो-यात्रा-11: एवरेस्ट बेस कैंप - नामचे बाज़ार से डोले
12. फोटो-यात्रा-12: एवरेस्ट बेस कैंप - डोले से फंगा
13. फोटो-यात्रा-13: एवरेस्ट बेस कैंप - फंगा से गोक्यो
14. फोटो-यात्रा-14: गोक्यो और गोक्यो-री
15. फोटो-यात्रा-15: एवरेस्ट बेस कैंप - गोक्यो से थंगनाग
16. फोटो-यात्रा-16: एवरेस्ट बेस कैंप - थंगनाग से ज़ोंगला
17. फोटो-यात्रा-17: एवरेस्ट बेस कैंप - ज़ोंगला से गोरकक्षेप
18. फोटो-यात्रा-18: एवरेस्ट के चरणों में
19. फोटो-यात्रा-19: एवरेस्ट बेस कैंप - थुकला से नामचे बाज़ार
20. फोटो-यात्रा-20: एवरेस्ट बेस कैंप - नामचे बाज़ार से खारी-ला
21. फोटो-यात्रा-21: एवरेस्ट बेस कैंप - खारी-ला से ताकशिंदो-ला
22. फोटो-यात्रा-22: एवरेस्ट बेस कैंप - ताकशिंदो-ला से भारत
23. भारत प्रवेश के बाद: बॉर्डर से दिल्ली




Comments

  1. सभी फोटो लाजवाब,
    दीप्ति जी वहाँ से वापस आ गई थी और आप अकेले गए थे,
    आपके मोबाइल में नेटवर्क नही था तो कैसे पता चलता है जीपीएस बताने का कष्ट करें सरजी

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  2. प्रशंसा के लिए शब्द नहीं, शाबास।

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