Thursday, March 29, 2018

फोटो-यात्रा-15: एवरेस्ट बेस कैंप - गोक्यो से थंगनाग

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25 मई 2016
“आज पिज़्ज़ा खाने का मन किया। दो पनीर पिज़्ज़ा मँगा लिये। लेकिन इन्हें किस तरह हलक से नीचे उतारा, बस हम ही जानते हैं। इस पिज़्ज़ा का जो एक फोटो हमने खींचा था, उसे अब भी यदि देख लेते हैं तो दिनभर मन ख़राब रहता है। असल में सारी करामात याक के पनीर की थी। यह पनीर खट्टा भी था और थोड़ी-सी कड़वाहट भी लिये था। और ‘पिज़्ज़ा-बेस’ अभी हाथ के हाथ आटे से बनाया था, जो बासी रोटी जैसा स्वाद दे रहा था। जो थोड़ा-बहुत स्वाद था, वह सॉस के कारण था। शुरू में हमने ‘तहज़ीब’ दिखाते हुए छुरी और काँटे से खाना चाहा, लेकिन अभ्यास न होने के कारण और बेस्वाद होने के कारण जल्द ही अपने भारतीयपन पर आ गये। वे जो विदेशी कोने में बैठे हैं, जो सोचते हैं, सोचते रहें। नेपाली तो उँगलियों से खाने में हमारे भी उस्ताद होते हैं।”

एवरेस्ट बेस कैंप ट्रैक पर आधारित मेरी किताब हमसफ़र एवरेस्ट का एक अंश। किताब तो आपने पढ़ ही ली होगी, अब आज की यात्रा के फोटो देखिये:




सुबह उठते ही यह नज़ारा देखने को मिला




गोक्यो में खाने के रेट




गोक्यो झील के आख़िरी दर्शन

और इसके बाद पहुँचते हैं हम नगोजुंपा ग्लेशियर पर










ग्लेशियर पार हो गया

ग्लेशियर के मुख के पास बहुत सारी झीलें हैं, जो निकट भविष्य में बड़े खतरे का संकेत देती हैं।




एक झील ऐसी भी

सामने दिखता थंगनाग



यह है थंगनाग और पीछे घाटी में चो-ला का रास्ता जाता है, जहाँ हम कल जायेंगे।







थंगनाग में होटल का डाइनिंग रूम


और यह है वो पिज़्ज़ा, जिसकी वजह से हमने आज तक भी अनजानी जगहों पर पिज़्ज़ाओं से तौबा कर रखी है।





अगला भाग: फोटो-यात्रा-16: एवरेस्ट बेस कैंप - थंगनाग से जोंगला

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