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फोटो-यात्रा-7: एवरेस्ट बेस कैंप - जुभिंग से बुपसा

इस यात्रा के फोटो आरंभ से देखने के लिये यहाँ क्लिक करें
17 मई 2016
“पता नहीं बंदा किस मिट्टी का बना था, आपे से बाहर हो गया - “आपको यहाँ कोई दिक्कत है, तो दूसरे होटल में चले जाईये।” इसके बाद कोठारी जी और उसमें बहस होने लगी। मैंने बीच-बचाव किया - “भाई देख, हम ग्राहक हैं। हमें कोई असुविधा हो रही है, तो हम किससे शिकायत करें? तुम शांत रहो और एक-एक शिकायत पर ध्यान दो। यह कहना बिल्कुल भी ठीक नहीं है कि होटल छोड़ दो।”
मन तो खट्टा हो ही चुका था। मैंने फिर कोठारी जी से कहा - “सर, होटल छोड़ देते हैं।”
...
“लॉज में हम आलू के पराँठे का ऑर्डर देने वाले थे, इसलिये यहाँ भी इसी के बारे में पूछा। होटल मालिक व मालकिन ने एक-दूसरे को देखा, फिर हमसे पूछा - “यह क्या होता है?” इसके बाद बारी थी मेरी और दीप्ति को एक-दूसरे को देखने की - “हम बनायेंगे।”
कुकर में आलू उबाले। भर-भरकर पाँच पराँठे बनाये। दो कोठारी जी ने, एक-एक हमने और एक होटल मालिक ने खाया। शानदार अनुभव था। दीप्ति पराँठे बना रही थी, मैं परोस रहा था और होटल मालिक बैठकर खा रहे थे। बाद में जब हमने पूछा कि पराँठे कैसे लगे, तो उत्तर मिला - “बहुत शानदार, लेकिन मिर्ची बहुत ज्यादा थी।”
यात्राओं में ऐसे अनुभव भी होते रहने चाहियें। यात्राएँ कभी भी नीरस नहीं होंगी। और ऐसे अनुभव अपने-आप नहीं हो जाते। आपका मन भी इन अनुभवों को स्वीकार करने वाला होना चाहिये। हम साहब बनकर पैर पर पैर रखकर बैठे होते तो यूँ पराँठे बनाकर सबको खिलाने का अनुभव नहीं हासिल कर सकते थे।
इससे एक सबक भी मिला। जो खुशी आलू के पराँठों में मिलती है, वो फ्री वाई-फाई में नहीं मिल सकती।”
एवरेस्ट बेस कैंप ट्रैक पर आधारित मेरी किताब ‘हमसफ़र एवरेस्ट का एक अंश। किताब तो आपने पढ़ ही ली होगी, अब आज की यात्रा के फोटो देखिये:









एक निर्माणाधीन लॉज



खारी-ला से दिखती दूधकोसी घाटी






खारीखोला में दाल-भात



आज कोठारी जी खुश थे और खूब फोटो खींच रहे थे...




पानी नहीं... कोल्ड-ड्रिंक है...






खारी खोला पुल पार करती खच्चर-ट्रेन







दूर से दिखता खारीखोला गाँव

बाबा पतंजलि नेपाल के सुदूर कोने में भी है... और इसके बगल में बैठा भूटानी द्रुक...

हमें देखकर डांस करता डॉगी...





बुपसा में दीप्ति पराँठे बना रही है और होटल मालिक आराम से बैठकर खा रहे हैं...











1. फोटो-यात्रा-1: एवरेस्ट बेस कैंप - दिल्ली से नेपाल
2. फोटो-यात्रा-2: एवरेस्ट बेस कैंप - काठमांडू आगमन
3. फोटो-यात्रा-3: एवरेस्ट बेस कैंप - पशुपति दर्शन और आगे प्रस्थान
4. फोटो-यात्रा-4: एवरेस्ट बेस कैंप - दुम्जा से फाफलू
5. फोटो-यात्रा-5: एवरेस्ट बेस कैंप - फाफलू से ताकशिंदो-ला
6. फोटो-यात्रा-6: एवरेस्ट बेस कैंप - ताकशिंदो-ला से जुभिंग
7. फोटो-यात्रा-7: एवरेस्ट बेस कैंप - जुभिंग से बुपसा
8. फोटो-यात्रा-8: एवरेस्ट बेस कैंप - बुपसा से सुरके
9. फोटो-यात्रा-9: एवरेस्ट बेस कैंप - सुरके से फाकडिंग
10. फोटो-यात्रा-10: एवरेस्ट बेस कैंप - फाकडिंग से नामचे बाज़ार
11. फोटो-यात्रा-11: एवरेस्ट बेस कैंप - नामचे बाज़ार से डोले
12. फोटो-यात्रा-12: एवरेस्ट बेस कैंप - डोले से फंगा
13. फोटो-यात्रा-13: एवरेस्ट बेस कैंप - फंगा से गोक्यो
14. फोटो-यात्रा-14: गोक्यो और गोक्यो-री
15. फोटो-यात्रा-15: एवरेस्ट बेस कैंप - गोक्यो से थंगनाग
16. फोटो-यात्रा-16: एवरेस्ट बेस कैंप - थंगनाग से ज़ोंगला
17. फोटो-यात्रा-17: एवरेस्ट बेस कैंप - ज़ोंगला से गोरकक्षेप
18. फोटो-यात्रा-18: एवरेस्ट के चरणों में
19. फोटो-यात्रा-19: एवरेस्ट बेस कैंप - थुकला से नामचे बाज़ार
20. फोटो-यात्रा-20: एवरेस्ट बेस कैंप - नामचे बाज़ार से खारी-ला
21. फोटो-यात्रा-21: एवरेस्ट बेस कैंप - खारी-ला से ताकशिंदो-ला
22. फोटो-यात्रा-22: एवरेस्ट बेस कैंप - ताकशिंदो-ला से भारत
23. भारत प्रवेश के बाद: बॉर्डर से दिल्ली




Comments

  1. मजेदार पराठे मिर्ची वाले

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  2. हर पेज पर बुक का लिंक क्यों आ रहा है ओर एड नहीं आ रहे। किसी के भी

    ReplyDelete
    Replies
    1. बुक का लिंक इसलिए आ रहा है ताकि जिन्होंने अभी तक नहीं खरीदी है, वे खरीद लें... और बाकी कोई भी विज्ञापन मैंने इसमें नहीं लगा रखा है...

      Delete
  3. भाई नकारात्मक ऊर्जा से भरे होने के बावजूद आगे बढ़ते गए इससे बढ़कर सकारात्मक ऊर्जा किसे कहेंगे।

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