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पिंजौर गार्डन

श्रीखण्ड महादेव जाते समय जब हम पिंजौर पहुंचे तो भूख काफी तेज लग रही थी। पिंजौर चण्डीगढ से करीब बीस किलोमीटर आगे शिमला रोड पर है। लेकिन अगर दिल्ली की तरफ से जा रहे हैं तो चण्डीगढ जाने की कोई जरुरत नहीं बल्कि चण्डीगढ से पहले जीरकपुर से ही रास्ता दाहिने मुडकर पिंजौर चला जाता है।
अच्छा हां, जब हमें खासकर मुझे भूख लग रही थी तो पिंजौर में एक जगह फल वालों को देखकर बाइक रुकवाई गई। केले ले लिये। केले खाते-खाते सू-सू का प्रेशर बना तो वही एक बडी सी दीवार के पास जाकर काम तमाम भी कर लिया। तभी ख्याल आया कि यार, यह दीवार तो हद से ज्यादा ऊंची और बडी लग रही है, मामला क्या है। पूछा तो पता चला कि यह गार्डन की दीवार है- पिंजौर गार्डन की। तुरन्त ही सर्वसम्मति से फैसला हो गया कि इसे भी देख डाला जाये।
बीस रुपये की पर्ची कटी और हम गार्डन के अन्दर। इसे यादवेन्द्र गार्डन भी कहते हैं। इसका डिजाइन औरंगजेब के जमाने में नवाब फिदाल खां द्वारा किया गया था। यह हरियाणा राज्य के पंचकुला जिले में पडता है और कालका से जरा सा पहले है।
यहां शानदार फव्वारे और बगीचे हैं। बगीचे भी फलों के जिन्हें तोडना मना है। यहां आने वालों में ज्यादातर पंजाबी होते हैं जो अपनी ‘मादाओं’ के साथ आते हैं। मुझसे बहुत कम उम्र से लेकर बूढे-बुढिया तक यहां हाथ में हाथ डाले टहलते देखे जाते हैं। उन्हें देखकर इधर भी कसक सी उठनी तय थी कि अपने साथ कोई ‘मादा’ नहीं है। लेकिन अपनी घुमक्कडी का ख्याल आ जाता था कि इस पथ में किसी ‘साथी’ की जरुरत है भी नहीं। जिनकी जरुरत थी वे साथ थे ही- सन्दीप, नितिन और विपिन।
घूम-घामकर बाहर निकले, बाइक स्टार्ट की और शिमला की तरफ उड चले और भूल गये कि थोडी देर पहले कुछ देखा भी था। लेकिन भाई, गार्डन बडा जबरदस्त है। जब अपने दिन फिर जायेंगे तो ले जाऊंगा उसे भी घुमाने। तारीफ करेगी तारीफ।



यह एण्टीक्लोकवाइज चलने वाली घडी है। इस समय इसमें दस बजकर बीस मिनट हुए हैं।












सन्दीप भाई बीच में अड गये, नहीं तो फोटो पीछे वालों का लिया जा रहा था।

बाग और पीछे हिमाचल की पहाडियां


दीवारों की मरम्मत के लिये मसाला तैयार करने की ‘मशीन’ है।

अगला भाग: सेरोलसर झील और जलोडी जोत


श्रीखण्ड महादेव यात्रा
1. श्रीखण्ड महादेव यात्रा
2. श्रीखण्ड यात्रा- नारकण्डा से जांव तक
3. श्रीखण्ड महादेव यात्रा- जांव से थाचडू
4. श्रीखण्ड महादेव यात्रा- थाचडू से भीमद्वार
5. श्रीखण्ड महादेव यात्रा- भीमद्वार से पार्वती बाग
6. श्रीखण्ड महादेव के दर्शन
7. श्रीखण्ड यात्रा- भीमद्वारी से रामपुर
8. श्रीखण्ड से वापसी एक अनोखे स्टाइल में
9. पिंजौर गार्डन
10. सेरोलसर झील और जलोडी जोत
11. जलोडी जोत के पास है रघुपुर किला
12. चकराता में टाइगर फाल
13. कालसी में अशोक का शिलालेख
14. गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब
15. श्रीखण्ड यात्रा- तैयारी और सावधानी

Comments

  1. बड़ा ही सुन्दर बनाया है यह उद्यान।

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  2. ‘मादा’नही 'देवी' कहिये। परायी स्त्रियों पर नजर डालने से बचिये,अपने पाठकों कि भी बचाईये । शायद अभी तक आपने मेरा ब्लाग "http://vivaahkaarth.blogspot.com/
    विवाह करके अमर देवता बनें "
    नहीं पढ़ा । पढ़ कर जल्दी से विवाह करें ।

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  3. आपका एक हितचिंतक
    ‘मादा’ नहीं 'देवी' कहिये। परायी स्त्रियों पर नजर डालने से बचिये,अपने पाठकों को भी बचाईये । शायद अभी तक आपने मेरा ब्लाग http://vivaahkaarth.blogspot.com/ विवाह करके अमर देवता बनें " नहीं पढ़ा । पढ़ कर जल्दी से विवाह करें । उस ब्लाग के कुछ अंश :
    "व्यवहारिक रूप में पत्नी की भागवत शक्तियों को पूर्ण शक्तिमता के साथ प्रकट करने के लिये यह आवश्यक है कि पति कभी अपनी पत्नी के अतिरिक्त किसी अन्य पर दृष्टि न डाले और मन में भी किसी अन्य का कोई विचार भी न आने दे।"
    "आगे चल कर वह यह ब्रह्मज्ञान प्राप्त करता है कि ब्रह्मा जब अपनी प्रिया सरस्वती के अतिरिक्त किसी पर दृष्टि डालते हैं तो उनके नेत्र, मस्तिष्क और सत्ता में विघटन और ह्रास हो जाता है। यदि ऐसा चलता रहे तो सरस्वती भी विघटित हो काली बन जाती है।"
    "जब भी कोई पुरूष किसी अन्य स्त्री की ओर देखता है तो वह शिवजी के रोष को आमंत्रित करता है।"
    "जबकि सरस्वती जी का कहना है कि यदि पुरूष ब्रह्मचारी एवं/ या एकपत्नीव्रता नहीं है तो वह सच्चा, निष्कपट, उदार आदि हो ही नहीं सकता। एकपत्नीव्रता न होने का अर्थ है स्वयं को धोखा देना क्योंकि पत्नी कोई अलग व्यक्ति या सत्ता नहीं हैं बल्कि देवी है, पुरूष की उच्चतर सत्ता है तथा उसके साथ सच्चे रूप से संयुक्त होने से वह स्वयं भी देवता बन जाता है तथा इस पृथ्वी पर अपने जन्म के उद्देश्य को पूरा कर पूर्णता, सत्य, ज्ञान, प्रकाश, आनन्द, स्वतंत्रता तथा अमरता प्राप्त करता है।"

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  4. नीरज भाई बहुत ही सुन्दर गार्डन है........

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  5. नीरज भाई आखिरी की दो लाईने बडी उलझन वाली है पढने वाले गलती से किसी भी लाईन को क्लिक कर बैठे तो उनके कई घन्टे खराब होने पक्कम-पक्का है। और यहाँ तो दो-दो है।

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  6. नयनाभिराम, मनभावन.

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  7. बहुत सुन्दर।
    गणेशोत्सव की मंगल कामनाएँ।

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  8. यूज़ मी का अच्छा यूज़!
    बढ़िया है!
    आशीष

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  9. पिंजोर गार्डन मैने भी देखा हैं ...पंजाबन हूँ और हाथो में हाथ डाले मैं भी वहाँ घूमी हूँ ...पर बच्चो के साथ हा.. हा.. हा.. हा.. हा..
    अरे फिकर मत कर तेरी घुमक्कड़ी तुझे जरुर मिलेगी ?

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  10. मादाओं’ के साथ
    hahaha, ye keher baat kah daali

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  11. पिंजोर तो घर की मुर्गी दाल बराबर सा लगता है

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  12. नमस्कार नीरज जी कैसे हो आप तो मुंबई आते आते रह गए फिर भी मैं अपने आप को खुशनसीब मानता हूँ की मैं ने आप से फ़ोन पर बात की | मैंने आप को मुंबई से फ़ोन किया था मैं आपसे एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ
    मैं और मेरे दोस्त नवेम्बर में वैष्णोदेवी ओर मनाली चाहते है मेरे दोस्त का एक ५ महीने का शिशु है क्या आप मुझे बता सकते है के मनाली का नवेम्बर में जो सर्दी का मोसम रहता है क्या वो ५ महीने के शिशु के लिए हानिकारक तो नहीं रहता क्या ५ महीने के शिशु को ले जाना ठीक रहेगा कृपया मेरा मार्गदर्शन करे

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  13. बहुत सुन्दर चित्रों से सजी सुन्दर सी पोस्ट. ऐसा लगता है, हमने इसके पहले भी पिंजोर उद्यान के बारे में ब्लॉग में ही पढ़ा है. शायद नीरज का लिखा हो.

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