| पोस्ट सं. | पोस्ट | प्रकाशन दिनांक |
|---|---|---|
| 19 | मानसून में बस्तर के जलप्रपातों की सैर | 18 सितंबर, 2019 |
| 18 | मानसून में बस्तर: दंतेवाड़ा, समलूर और बारसूर | 12 सितंबर, 2019 |
| 17 | रायपुर से केवटी पैसेंजर ट्रेन यात्रा | 16 अगस्त, 2019 |
| 16 | तमिलनाडु से दिल्ली वाया छत्तीसगढ़ | 9 अप्रैल, 2019 |
| 15 | वीडियो: छत्तीसगढ़ में नैरोगेज ट्रेन यात्रा | 29 मई, 2017 |
| 14 | छत्तीसगढ़ में नैरोगेज ट्रेन यात्रा | 25 मई, 2017 |
| 13 | जगदलपुर से दिल्ली वापस | 12 दिसंबर, 2014 |
| 12 | तीरथगढ जलप्रपात | 10 दिसंबर, 2014 |
| 11 | किरन्दुल रेलवे- किरन्दुल से जगदलपुर | 8 दिसंबर, 2014 |
| 10 | बारसूर | 5 दिसंबर, 2014 |
| 9 | चित्रकोट प्रपात- अथाह जलराशि | 3 दिसंबर, 2014 |
| 8 | चित्रधारा प्रपात, छत्तीसगढ | 28 नवंबर, 2014 |
| 7 | किरन्दुल ट्रेन-2 (अरकू से जगदलपुर) | 26 नवंबर, 2014 |
| 6 | अरकू-बस्तर यात्रा- दिल्ली से रायपुर | 7 नवंबर, 2014 |
| 5 | छत्तीसगढ यात्रा- पुनः कर्क आश्रम में और वापसी | 8 अप्रैल, 2013 |
| 4 | छत्तीसगढ यात्रा- सिहावा- महानदी का उद्गम | 5 अप्रैल, 2013 |
| 3 | छत्तीसगढ यात्रा- मोडमसिल्ली बांध | 29 मार्च, 2013 |
| 2 | छत्तीसगढ यात्रा- डोंगरगढ | 27 मार्च, 2013 |
| 1 | पुरी से बिलासपुर पैसेंजर रेल यात्रा | 18 अक्टूबर, 2011 |
ध्यान दें: डायरी के पन्ने यात्रा-वृत्तान्त नहीं हैं। 1 फरवरी: इस बार पहले ही सोच रखा था कि डायरी के पन्ने दिनांक-वार लिखने हैं। इसका कारण था कि पिछले दिनों मैं अपनी पिछली डायरियां पढ रहा था। अच्छा लग रहा था जब मैं वे पुराने दिनांक-वार पन्ने पढने लगा। तो आज सुबह नाइट ड्यूटी करके आया। नींद ऐसी आ रही थी कि बिना कुछ खाये-पीये सो गया। मैं अक्सर नाइट ड्यूटी से आकर बिना कुछ खाये-पीये सो जाता हूं, ज्यादातर तो चाय पीकर सोता हूं।। खाली पेट मुझे बहुत अच्छी नींद आती है। शाम चार बजे उठा। पिताजी उस समय सो रहे थे, धीरज लैपटॉप में करंट अफेयर्स को अपनी कापी में नोट कर रहा था। तभी बढई आ गया। अलमारी में कुछ समस्या थी और कुछ खिडकियों की जाली गलकर टूटने लगी थी। मच्छर सीजन दस्तक दे रहा है, खिडकियों पर जाली ठीकठाक रहे तो अच्छा। बढई के आने पर खटपट सुनकर पिताजी भी उठ गये। सात बजे बढई वापस चला गया। थोडा सा काम और बचा है, उसे कल निपटायेगा। इसके बाद धीरज बाजार गया और बाकी सामान के साथ कुछ जलेबियां भी ले आया। मैंने धीरज से कहा कि दूध के साथ जलेबी खायेंगे। पिताजी से कहा तो उन्होंने मना कर दिया। यह मना करना मुझे ब...