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उत्तरकाशी में रणविजय सिंह की फोटोग्राफी

पिछले दिनों जब रणविजय सिंह के साथ उत्तरकाशी और रैथल जाना हुआ, तो एक नयी बात पता चली। रणविजय ने बताया कि मुझसे प्रेरित होकर उन्होंने फोटोग्राफी आरंभ की थी। मुझसे प्रेरित होकर कैसे? बताता हूँ। 
बहुत पहले ‘डायरी के पन्नों’ में यदा-कदा मैं फोटोग्राफी के टिप्स भी बता दिया करता था। वहीं से इन्होंने कुछ टिप्स सीखे। आज हालत यह है कि ‘गुरू गुड़ ही रह गया, चेला चीनी हो गया’। बहुत अच्छी फोटोग्राफी है रणविजय की। इनकी फेसबुक वॉल पर इनके शानदार फोटो देखे जा सकते हैं। साधारण दृश्यों को असाधारण बनाना रणविजय से सीखा जा सकता है। तो इसी बात से प्रेरित होकर मैंने उनसे उनके उत्तरकाशी के फोटो मंगाये। मैंने कहा था कि गिने-चुने सर्वोत्तम फोटो ही भेजो, लेकिन उन्होंने 50-60 फोटो भेज दिये। तो इन्हीं में से कुछ चुनिंदा फोटो आज प्रकाशित कर रहा हूँ। 

























और आख़िर में मेरे भी तीन-चार फोटो हैं, जो ब्लॉग पर अभी तक प्रकाशित नहीं किये गये हैं। एक नज़र इन पर भी मार लीजिये। संगत का असर तो होगा ही। रणविजय जैसे मित्र साथ हों, तो अपने आप ही अच्छे फोटो निकलते हैं।













1. उत्तरकाशी भ्रमण: पंकज कुशवाल, तिलक सोनी और चौरंगीखाल
2. उत्तरकाशी में रैथल गाँव का भ्रमण
3. उत्तरकाशी में रणविजय सिंह की फोटोग्राफी



Comments

  1. बढिया फोटो हैं जी, बिना जाए ही यात्रा का मजा आ जाता है आपकी पोस्ट देखकर

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  2. शाबाश, यूँ ही जुटा रहियो, सत्संग मत छोड़ियो तू भी सीख ज्यागा और ना तो साथ वाला तो सीख ही लेगा बढ़िया फोटू लेना 👍

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    1. सही कहा कौशिक जी... मैं ही ज्यादा सीखूँगा...

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  3. गुरु गुरु ही रहते हैं गुरु....

    चेला चाहे कितना भी उड़े 😁

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    1. इसी को कहते हैं... गुरू गुड़, चेला उड़...

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  4. Mitro ki tarif karna bahut achha he...
    Lekin apne kaam ko jantar aankna galat he...
    Yakin maniye Ranvijay aor mere jese dost aap se hi sikhte he...
    Ham facebook par share karte he to yah highlight ho jata he...
    Aap apni photography blog par hi rakhte he...
    Joki written material ke karan highlight nahi hoti...
    Baki aap bhi गुड़ hi he...

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    1. रणविजय और तुम्हारे जैसे दोस्त मिलना नसीब की बात होती है...

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    2. मारे ख़ुशी के बिस्तर से कूद के जान न दे दूं, आये हाय

      गुरु जी तारीफ़

      वाहः।

      वैसे सुमित जी से सहमत। गुरु हमेशा गुरु ही रहते हैं।

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  5. आपके द्वारा लिखे पोस्ट फोटो से अधिक सजीव लगते हैं आपकी लेखन शैली लाजबाब है ।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद विशाल जी...

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  6. वाहः सुंदर।।

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  7. Nice, pictures are beautiful as well as the blog

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  8. बहुत सुन्दर फोटो नीरज

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