23 जून 2015 हम किसी भी जल्दी में नहीं थे। हमें परसों दोपहर तक दिल्ली पहुंचना था और केलांग से हम आराम से दो दिन में दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसी वजह से रोज की तरह आज भी देर तक सोये। उठे तो मनदीप का फोन आया। वो आज सपरिवार मनाली आ रहा है और अभी बिलासपुर के आसपास था। यानी दोपहर तक वह मनाली पहुंच जायेगा। उसके पास अपनी गाडी है। हमने भी इरादा बना लिया कि आज हम मनदीप के साथ ही रुकेंगे और शाम को शानदार डिनर करेंगे। दस बजे केलांग से चले। जल्दी ही टांडी पहुंच गये। यहां बारालाचा-ला से निकलकर दो अलग-अलग दिशाओं में बही चन्द्रा और भागा नदियों का संगम होता है। आलू के परांठे खाये और बाइक की टंकी फुल करा ली। हिमाचल में रोहतांग पार पूरे लाहौल में एकमात्र पेट्रोल पम्प टांडी में ही है। टांडी से आगे अगला पेट्रोल पम्प लगभग साढे तीन सौ किलोमीटर दूर लेह के पास कारू में है। बाइक की टंकी लगभग खाली हो चुकी थी, इसमें 11.83 लीटर पेट्रोल आया। कम्पनी के अनुसार टंकी की क्षमता 10 लीटर है। मैंने गुजरात से लेकर हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक हर जगह टंकी फुल कराई है, इसमें हमेशा 10 लीटर से ज्यादा ही तेल आता है। अब या तो कम्पनी ग...
नीरज मुसाफिर का यात्रा ब्लॉग