पिछले दिनों अचानक दिल्ली के दैनिक भास्कर में ख़बर आने लगी कि झारखंड़ में एक रेलवे लाइन बंद होने जा रही है, तो मन बेचैन हो उठा। इससे पहले कि यह लाइन बंद हो, इस पर यात्रा कर लेनी चाहिये। यह लाइन थी डी.सी. लाइन अर्थात धनबाद-चंद्रपुरा लाइन। यह रेलवे लाइन ब्रॉड़गेज है। इसका अर्थ है कि इसे गेज परिवर्तन के लिये बंद नहीं किया जायेगा। यह स्थायी रूप से बंद हो जायेगी। झरिया कोलफ़ील्ड़ का नाम आपने सुना होगा। धनबाद के आसपास का इलाका कोयलांचल कहलाता है। पूरे देश का कितना कोयला यहाँ निकलता है, यह तो नहीं पता, लेकिन देश की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में इस इलाके का अहम योगदान है। इधर आप जाओगे, आपको हर तरफ़ कोयला ही कोयला दिखेगा। कोयले की भरी हुई मालगाड़ियाँ अपनी बारी का इंतज़ार करती दिखेंगी। इसलिये यहाँ रेलवे लाइनों का जाल बिछा हुआ है। कुछ पर यात्री गाड़ियाँ भी चलती हैं, लेकिन वर्चस्व मालगाड़ियों का ही है।
नीरज मुसाफिर का यात्रा ब्लॉग