9 जून 2015 हम बटोट में थे। बटोट से एक रास्ता तो सीधे रामबन, बनिहाल होते हुए श्रीनगर जाता ही है, एक दूसरा रास्ता डोडा, किश्तवाड भी जाता है। किश्तवाड से सिंथन टॉप होते हुए एक सडक श्रीनगर भी गई है। बटोट से मुख्य रास्ते से श्रीनगर डल गेट लगभग 170 किलोमीटर है जबकि किश्तवाड होते हुए यह दूरी 315 किलोमीटर है। जम्मू क्षेत्र से कश्मीर जाने के लिये तीन रास्ते हैं- पहला तो यही मुख्य रास्ता जम्मू-श्रीनगर हाईवे, दूसरा है मुगल रोड और तीसरा है किश्तवाड-अनन्तनाग मार्ग। शुरू से ही मेरी इच्छा मुख्य राजमार्ग से जाने की नहीं थी। पहले योजना मुगल रोड से जाने की थी लेकिन कल हुए बुद्धि परिवर्तन से मुगल रोड का विकल्प समाप्त हो गया। कल हम बटोट आकर रुक गये। सोचने-विचारने के लिये पूरी रात थी। मुख्य राजमार्ग से जाने का फायदा यह था कि हम आज ही श्रीनगर पहुंच सकते हैं और उससे आगे सोनामार्ग तक भी जा सकते हैं। किश्तवाड वाले रास्ते से आज ही श्रीनगर नहीं पहुंचा जा सकता। अर्णव ने सुझाव दिया था कि बटोट से सुबह चार-पांच बजे निकल पडो ताकि ट्रैफिक बढने से पहले जवाहर सुरंग पार कर सको। अर्णव को भी हमने किश्तवाड के बारे में नहीं ...
राजस्थान में रेत के टीबे बहुत हैं। एकवचन टीबा हुआ और उस का स्त्रीलिंग टीबी।
ReplyDeleteअच्छी जानकारी
ReplyDeleteवैसे दिनेशराय द्विवेदी ने अच्छा समझाया
कुछ दिनों में मीटरगेज नहीं दिखेगा, सब एक जैसा।
ReplyDeleteई केइसा नाम है भैया :-)
ReplyDeleteइस स्टेशन का नाम पढ कर तो अजीब सा लगा... लेकिन दिनेश जी ने सही समझाया, लेकिन यह मीटर गेज क्या चीज होती हे? शायद दो लाईनो के बीच के फ़ांसले को मीटर गेज कहते होंगे ना ?
ReplyDeleteTB रेलवे स्टेशन...सुनकर कित्ता अजीब लगता है.
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'पाखी की दुनिया' में भी आपका स्वागत है.
अरे वह । ऐसे स्टेशन भी है हमारे हिंदुस्तान मे
ReplyDeleteगणतन्त्र दिवस की शुभकामनाए