Skip to main content

दैनिक जागरण... 25 नवंबर 2018







Comments

Popular posts from this blog

जाटराम की पहली पुस्तक: लद्दाख में पैदल यात्राएं

पुस्तक प्रकाशन की योजना तो काफी पहले से बनती आ रही थी लेकिन कुछ न कुछ समस्या आ ही जाती थी। सबसे बडी समस्या आती थी पैसों की। मैंने कई लेखकों से सुना था कि पुस्तक प्रकाशन में लगभग 25000 रुपये तक खर्च हो जाते हैं और अगर कोई नया-नवेला है यानी पहली पुस्तक प्रकाशित करा रहा है तो प्रकाशक उसे कुछ भी रॉयल्टी नहीं देते। मैंने कईयों से पूछा कि अगर ऐसा है तो आपने क्यों छपवाई? तो उत्तर मिलता कि केवल इस तसल्ली के लिये कि हमारी भी एक पुस्तक है। फिर दिसम्बर 2015 में इस बारे में नई चीज पता चली- सेल्फ पब्लिकेशन। इसके बारे में और खोजबीन की तो पता चला कि यहां पुस्तक प्रकाशित हो सकती है। इसमें पुस्तक प्रकाशन का सारा नियन्त्रण लेखक का होता है। कई कम्पनियों के बारे में पता चला। सभी के अलग-अलग रेट थे। सबसे सस्ते रेट थे एजूक्रियेशन के- 10000 रुपये। दो चैप्टर सैम्पल भेज दिये और अगले ही दिन उन्होंने एप्रूव कर दिया कि आप अच्छा लिखते हो, अब पूरी पुस्तक भेजो। मैंने इनका सबसे सस्ता प्लान लिया था। इसमें एडिटिंग शामिल नहीं थी।

घुमक्कड पत्रिका- 1

1. सम्पादकीय 2. लेख A. घुमक्कडी क्या है और कैसे घुमक्कडी करें? B. असली जीटी रोड 3. यात्रा-वृत्तान्त A. रानीखेत-बिनसर यात्रा B. सावन में ज्योतिर्लिंग ओमकारेश्वर की परिक्रमा व दर्शन 4. ब्लॉग अपडेट

सवाई माधोपुर-जोधपुर-बिलाडा-पुष्कर ट्रेन यात्रा

   ज्यादातर मित्र मेरी पैसेंजर ट्रेन यात्राओं को पसन्द नहीं करते। यह नापसन्दगी पिछले साल खूब सुनने को मिली, इसलिये ट्रेन यात्राओं के वृत्तान्त प्रकाशित करने बन्द कर रखे थे। पिछले साल का जो वृत्तान्त प्रकाशित किया था, वो था मुगलसराय से गोमो , गोमो से हावडा और पटना से बक्सर पैसेंजर ट्रेन यात्राएं। इसके अगले ही सप्ताह भारत के इसी हिस्से में मैं फिर गया था और गोमो से खडगपुर, खडगपुर से टाटानगर, बिलासपुर होते हुए गोंदिया, चाम्पा से गेवरा रोड और बिलासपुर से कटनी तक का मार्ग देख लिया था। रतनगढ-बीकानेर-फलोदी मार्ग भी देखा और पठानकोट-अमृतसर, जालन्धर-पठानकोट-जम्मू-तवी-श्री माता वैष्णों देवी कटडा, दिल्ली-फर्रूखनगर, जोधपुर-भिलडी, पाटन-महेसाना-वीरमगाम-राजकोट, अहमदाबाद-आबू रोड मार्गों पर रेल यात्राएं कीं और रास्ते में आने वाले सभी स्टेशनों के बोर्डों के फोटो भी लिये। मुझे स्टेशन बोर्ड के फोटो संग्रह करने का शौक है। पिछले दिनों भिण्ड-ग्वालियर-गुना मार्ग देखा जिसका वृत्तान्त प्रकाशित किया जा चुका है। अब के बाद ऐसी ट्रेन यात्राओं के वृत्तान्त भी छपा करेंगे। ताजातरीन यात्रा का वृत्तान्त आज पढ...