पुस्तक प्रकाशन की योजना तो काफी पहले से बनती आ रही थी लेकिन कुछ न कुछ समस्या आ ही जाती थी। सबसे बडी समस्या आती थी पैसों की। मैंने कई लेखकों से सुना था कि पुस्तक प्रकाशन में लगभग 25000 रुपये तक खर्च हो जाते हैं और अगर कोई नया-नवेला है यानी पहली पुस्तक प्रकाशित करा रहा है तो प्रकाशक उसे कुछ भी रॉयल्टी नहीं देते। मैंने कईयों से पूछा कि अगर ऐसा है तो आपने क्यों छपवाई? तो उत्तर मिलता कि केवल इस तसल्ली के लिये कि हमारी भी एक पुस्तक है। फिर दिसम्बर 2015 में इस बारे में नई चीज पता चली- सेल्फ पब्लिकेशन। इसके बारे में और खोजबीन की तो पता चला कि यहां पुस्तक प्रकाशित हो सकती है। इसमें पुस्तक प्रकाशन का सारा नियन्त्रण लेखक का होता है। कई कम्पनियों के बारे में पता चला। सभी के अलग-अलग रेट थे। सबसे सस्ते रेट थे एजूक्रियेशन के- 10000 रुपये। दो चैप्टर सैम्पल भेज दिये और अगले ही दिन उन्होंने एप्रूव कर दिया कि आप अच्छा लिखते हो, अब पूरी पुस्तक भेजो। मैंने इनका सबसे सस्ता प्लान लिया था। इसमें एडिटिंग शामिल नहीं थी।
नीरज मुसाफिर का यात्रा ब्लॉग

Aise to AAP ek din pura rail network naap denge... charan kahan hain prabhu?
ReplyDeletemind blowing blog neeraj
ReplyDeleteab konsi rail line aap se bachi he = mavli barisadri ?
ReplyDeletekaise manage karte ho yaar
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteनीरज जी !!!
ReplyDeleteबहुत ही शानदार ब्लॉग है आपका और उस से भी मस्त है आपकी घुम्मकड़ी.... यह ब्लॉग बनाने और अपनी यात्राओं के बारे में बताने के लिए साधुवाद...
कृपया यह बताये कि आपने यह नक्शा किस प्रकार बनाया? मेरा मतलब है कि कैसे आपने अपनी रेल-यात्राएं इस पर अंकित की?